सीबीआई ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज के समय में जब हर परिवार अपने खर्चों को संभालने की कोशिश कर रहा है तब बैंक से जुड़ी कोई भी राहत दिल को सुकून देती है। इसी बीच एसबीआई ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है जिसने लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। अब घर खरीदने का सपना हो या कारोबार के लिए कर्ज की जरूरत लोन लेना पहले से आसान होने वाला है। यह फैसला आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगा और मासिक ईएमआई का बोझ हल्का करेगा।
क्या है नया फैसला
स्टेट बैंक ने हाल ही में अपनी लेंडिंग दरों में कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद नए और पुराने दोनों तरह के कर्जदारों को फायदा मिलेगा। रिजर्व बैंक की नीतिगत दरों में बदलाव के बाद बैंक ने यह कदम उठाया है। अब होम लोन कार लोन और पर्सनल लोन पहले की तुलना में सस्ते हो जाएंगे। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से ऊंची ईएमआई से परेशान थे।
लेंडिंग रेट में कटौती से ग्राहकों को क्या फायदा
लेंडिंग रेट कम होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्ज की लागत घट जाती है। जो ग्राहक पहले से लोन चुका रहे हैं उनकी मासिक किस्त में कमी आ सकती है। नए ग्राहक कम ब्याज दर पर लोन लेकर अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के लिए यह फैसला बहुत मददगार साबित होगा। एसबीआई ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी इसलिए भी है क्योंकि इसका असर सीधे बजट पर पड़ेगा।
मैकेलर में बदलाव का मतलब क्या है
मैकेलर यानी मार्जिनल कॉस्ट आधारित लेंडिंग रेट में भी बैंक ने कमी की है। यह दर उन लोन पर लागू होती है जो इसी बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। एक साल की अवधि वाले लोन अब कम ब्याज पर उपलब्ध होंगे। इससे खास तौर पर होम लोन लेने वालों को राहत मिलेगी। कुल मिलाकर यह बदलाव कर्ज को सस्ता और ग्राहकों के लिए फायदेमंद बनाता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट पर क्या असर पड़ेगा
जहां एक तरफ लोन सस्ता हुआ है वहीं कुछ एफडी दरों में भी बदलाव किया गया है। कुछ खास अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर थोड़ी कम की गई है। हालांकि सभी अवधि की एफडी पर इसका असर नहीं पड़ा है। वरिष्ठ नागरिकों और सुरक्षित निवेश चाहने वालों को अभी भी अच्छे विकल्प मिल सकते हैं। बैंक ने संतुलन बनाते हुए यह फैसला लिया है ताकि दोनों तरह के ग्राहक संतुष्ट रहें।
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
एसबीआई ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी खास तौर पर इन लोगों के लिए हैं जो होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं जिनका लोन फ्लोटिंग रेट से जुड़ा हुआ है छोटे कारोबारी और स्वरोजगार करने वाले लोग ऐसे ग्राहक जो पुराने लोन को नए नियमों के तहत रीसेट करा सकते हैं।